नोएडा: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यमुना विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा जेपी एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) की 1000 हेक्टेयर जमीन का आवंटन रद्द करने के फैसले को सही ठहराया है। इस फैसले से 9000 से अधिक घर खरीदारों को उनके फ्लैट मिलने का रास्ता साफ हो गया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि यीडा अब इन अधूरी पड़ी परियोजनाओं को पूरा करेगा और खरीदारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करेगा।
2009 में जेपी इंटरनेशनल को आवंटित की गई थी जमीन
साल 2009-10 में यीडा ने जेपी एसोसिएट्स की सहायक कंपनी, जेपी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स को 1000 हेक्टेयर भूमि स्पोर्ट्स सिटी के विकास के लिए आवंटित की थी। यह भूमि विशेष विकास क्षेत्र (एसडीजेड) योजना के तहत दी गई थी। इस परियोजना में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट भी शामिल है, जहां 2023 में मोटो जीपी भारत बाइक रेसिंग इवेंट आयोजित हुआ था।
2020 में रद्द कर दिया गया था आवंटन
यीडा ने फरवरी 2020 में इस भूमि का आवंटन रद्द कर दिया क्योंकि जेपी एसोसिएट्स ने बकाया राशि जमा नहीं की थी। यीडा का दावा है कि कंपनी पर 3,621 करोड़ रुपये का बकाया है। जिसमें भूमि प्रीमियम, पट्टा किराया और अतिरिक्त किसान मुआवजा शामिल है। वहीं जेपी एसोसिएट्स का कहना है कि यह राशि सिर्फ 1,483 करोड़ रुपये है।
हाइकोर्ट ने एग्जिट पॉलिसी बनाने के दिए आदेश
हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब यीडा अधूरी परियोजनाओं को अपने हाथ में लेगा और समय सीमा के भीतर पूरा करेगा। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि जो खरीदार अपने पैसे वापस लेना चाहते हैं उनके लिए एक निकास नीति (एग्जिट पॉलिसी) बनाई जाए।
घर खरीदारों को मिली राहत
इस फैसले से 9000 घर खरीदारों को बड़ी राहत मिली है क्योंकि अब उनके फ्लैट मिलने की संभावना बढ़ गई है। कोर्ट ने खरीदारों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित किया है कि परियोजनाओं की वित्तीय और कानूनी सुरक्षा बनी रहे।