ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा शहर में कोतवाली कासना पुलिस के द्वारा 8 अगस्त को कासना के जलालपुर के पास स्थित गाँव रघुनाथपुर में हुए मर्डर का खुलासा करते हुए मृतक के बेटे को ही गिरफ्तार किया गया है।
बेटे के द्वारा अपना व्यापार नहीं चलने तथा लिए हुए लोन को चुकाने के लिए चाकू से गोदकर हत्या की गई थी। प्राप्त साक्ष्यों तथा मैनुअल इंटेलिजेंस की सहायता से ब्लाइंड मर्डर का खुलासा करते हुए मृतक के पुत्र को दनकौर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है।
आर्थिक तंगी से जूझ रहा था आरोपी:
आपको बता दें कि कासना कोतवाली पुलिस के द्वारा अपने पिता की हत्या करने वाले आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं गिरफ्तार आरोपी की पहचान स्थायी बोहरा गांव थाना टेढागाज किशंनगंज बिहार के संतोष बोसक के रूप में की गई है।
लेकिन पुलिस ने बताया है कि आरोपी वर्तमान में बिसवाना गांव थाना सिकन्द्राबाद बुलंदशहर में रह रहा था। वह लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, इसलिए आरोपी के द्वारा बीमा राशि हड़पने के लिए अपने ही पिता के खिलाफ साजिश रच कर उनकी हत्या कर दी गई।
आइए जानते हैं हत्या की साजिश तथा वारदात का तरीका:
दरअसल घटना के दिन संतोष अपने बैग में सब्जी काटने वाला एक चाकू रखकर अपने पिता के साथ में घर से निकला था। दोनों दिल्ली गए तथा वहां से वापस लौटते समय सुनसान व कच्चे रास्ते से होकर स्कूटी पर जा रहे थे। वहीं जब सिकंदराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बिशवाना के पास में पहुंचे तो संतोष ने स्कूटी रोकी और अपने पिता से पेशाब करने को कहा।
लेकिन जैसे ही मृतक प्रकाश बोसक पेशाब करने लगे आरोपी पुत्र के द्वारा पीछे से चाकू से उन पर हमला कर दिया गया और उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस को गुमराह करने के लिए संतोष ने स्वयं अपनी छाती पर भी चाकू से एक कट लगाया, जिससे यह लगे कि किसी अज्ञात हमलावर के द्वारा उन पर हमला किया गया है। हत्या के पश्चात आरोपी ने चाकू झाड़ियों में ही छिपा दिया और पास ही समाधि के पास में जाकर खड़ा हो गया।
बेटे ने खुद ही थाने में दर्ज कराई पिता की हत्या की शिकायत:
वहीं 2 दिसंबर 2024 को आरोपी संतोष बोसक के द्वारा ही कासना कोतवाली में जाकर मामले की शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उसके पिता प्रकाश बोसक की किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा हत्या कर दी गई है। पुलिस के द्वारा तुरंत जांच शुरू की गई और मौके से अहम सबूत भी जुटाए थे।
तत्पश्चात साक्ष्यों एवं मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस को इस घटना को लेकर यह शक हुआ कि हत्या में मृतक का बेटा ही शामिल है। वहीं जांच में पता चला कि मृतक प्रकाश बोसक मूल रूप से तो बिहार के किशनगंज जिले के रहने वाले थे। लेकिन करीब 20 साल पहले वह नोएडा में आकर बस गए थे।
आर्थिक तंगी की वजह से EMI चुकाना भी हो रहा था मुश्किल:
आपको बता दें कि साल 2022 में प्रकाश बोसक तथा उनके बेटे संतोष के द्वारा एक निजी बैंक से कुल 12.5 लाख रुपये का होम लोन लिया गया था, जिससे उन्होंने बुलंदशहर में एक मकान खरीदा था। लेकिन हर महीने करीब 12,500 रुपये की ईएमआई चुकाना उनके लिए अब काफी मुश्किल हो रहा था।
इसलिए पुत्र तथा पिता ने मिलकर दूसरा लोन लेने की योजना भी बनाई और एक हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से करी। 21 लाख रुपये का कर्ज लिया, जिसमें से लगभग 12.5 लाख रुपये पुराने लोन को चुकाने में खर्च हो गए और बाकी 7.69 लाख रुपये संतोष के द्वारा अपने मसाला पैकेजिंग बिजनेस के खाते में जमा कर दिए गए।
आखिर किस वजह से रची पिता की हत्या की साजिश:
वहीं इस लोन पर मृतक प्रकाश बोसक का करीब 60 प्रतिशत जीवन बीमा कवर था, लेकिन उसे 27 हजार रुपये की मासिक किस्त भरना दोनों के लिए पहले से अधिक मुश्किल हो गया। इसी दौरान संतोष को यह पता चला कि उसके पिता के नाम पर 2 बीमा पॉलिसियां थी, जिनकी कुल राशि करीब 50 लाख रुपये थी।
इन बीमा पॉलिसियों में उसकी मां ही नॉमिनी थी। इसलिए कारोबार में घाटे एवं आर्थिक तंगी के कारण संतोष के द्वारा अपने पिता की हत्या की साजिश रची गई, ताकि पिता के मरने के बाद बीमा राशि का क्लेम लिया जा सके, इस प्रकार लोन का एक बड़ा हिस्सा बीमा कंपनी के द्वारा चुका दिया जाएगा।
बीमा क्लेम मिलने के पश्चात पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी:
आपको बता दें कि हत्या के पश्चात संतोष ने अपने पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवाया और महज 3 महीने के भीतर ही कुल 50 लाख रुपये का बीमा क्लेम अपनी मां के खाते में ट्रांसफर भी करवा लिया, लेकिन पुलिस के द्वारा बारीकी से की गई जांच में उसकी साजिश का खुलासा हो गया।
दरअसल एडिशनल डीसीपी (DCP) ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार का यह कहना है कि आरोपी को कासना पुलिस के द्वारा साक्ष्यों के आधार पर संतोष बोसक को दनकौर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ थाना कासना में पिता की हत्या करने के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है।