जेवर एयरपोर्ट के संचालन में देरी!: संबंधित कंपनी पर लग रहा हैं रोजाना 10 लाख का जुर्माना, मई तक नहीं शुरू हुआ संचालन तो भरना होगा 24 करोड़ जुर्माना वही?
जेवर एयरपोर्ट के संचालन में देरी!

ग्रेटर नोएडा: आपको बता दें कि शहर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का निर्माण कार्य तय समय पर पूरा नहीं हो पाने के कारण अब निर्माण करने वाली कंपनी पर रोजाना 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। बता दें कि एयरपोर्ट का संचालन सितंबर 2024 तक शुरू होना था लेकिन निर्माण कार्य में हो रही देरी के चलते अब इसकी शुरुआत मई 2025 के बाद होने की उम्मीद है। इस देरी के कारण कंपनी को करीब 24 करोड़ रुपये का जुर्माना भरना होगा।

मई में मिल सकता डीजीसीए से लाइसेंस

एयरपोर्ट के संचालन के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। अधिकारियों के मुताबिक मई 2025 के अंत तक इस लाइसेंस के मिलने की संभावना है। जब तक यह लाइसेंस नहीं मिलता तब तक रनवे पर विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ की अनुमति नहीं मिल सकेगी। इस देरी के कारण यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को रोजाना 10 लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा।

2021 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य

जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य कोरोना काल के दौरान 29 सितंबर 2021 को यापल को सौंपा गया था। इसके बाद 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। 15 जून 2022 को पहले चरण के तहत 1334 हेक्टेयर में निर्माण कार्य शुरू हुआ। इस चरण में 3900 मीटर लंबा रनवे, एक टर्मिनल बिल्डिंग और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर (ATC) तैयार किया जाना था।

लेकिन फिर भी तय समय पर काम पूरा नहीं हो सका। पहले डेडलाइन 29 सितंबर 2024 तय की गई थी लेकिन उस समय तक एयरपोर्ट का संचालन शुरू नहीं हो पाया। इसके बाद दूसरी डेडलाइन अप्रैल 2025 रखी गई।


घरेलू और कार्गो फ्लाइट से होगी शुरुआत

एयरपोर्ट टर्मिनल का अभी भी काफी काम अधूरा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि मई 2025 में डीजीसीए से लाइसेंस मिल भी जाता है तब भी शुरुआत में सिर्फ घरेलू और कार्गो फ्लाइट ही संचालित होंगी। इंटरनेशनल सेवाओं की शुरुआत दो महीने बाद संभव होगी।

निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति

वर्तमान में एयरपोर्ट का रनवे और एयर साइड का काम लगभग 90 फीसदी पूरा हो चुका है और अप्रैल 2025 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। टर्मिनल बिल्डिंग का 80 फीसदी काम हो चुका है जिसमें स्टील फ्रेमिंग, रफूगिंग और आंतरिक फिनिशिंग का काम चल रहा है। अधिकारियों का मानना है कि अप्रैल 2025 तक टर्मिनल का काम पूरा हो सकता है।

वहीं वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का करीब 40 फीसदी और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का 43 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इन दोनों का काम भी अप्रैल तक पूरा होने की उम्मीद है।

सुरक्षा तैयारियां भी बाकी

एयरपोर्ट संचालन के लिए सीआईएसएफ और पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया जाना है। नियमों के मुताबिक संचालन की निर्धारित तिथि से 45 दिन पहले सुरक्षा बलों को एयरपोर्ट पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालनी होगी।

मई तक देना होगा 24 करोड़ का जुर्माना

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ डॉ. अरुण वीर सिंह ने बताया कि शर्तों के अनुसार 29 सितंबर 2024 के बाद एयरपोर्ट के संचालन में देरी के लिए यापल को रोजाना 10 लाख रुपये का जुर्माना देना होगा। यदि मई तक एयरपोर्ट का संचालन नहीं हुआ तो कंपनी को लगभग 24 करोड़ रुपये का जुर्माना भरना पड़ेगा।

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