ग्रेटर नोएडा: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में आरोपितों ने नगर पंचायत डासना का चेयरमैन मुजाहिद हुसैन बन कर उनकी ही जमीन बेचने का प्रयास करने लगे। हालांकि बाद में बिसरख पुलिस के द्वारा ऐसा करने वाले भू-माफिया गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। फिलहाल चेयरमैन की शिकायत पर पुलिस के द्वारा तीन आरोपिताें को गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपितों ने चेयरमैन के पैन, आधार समेत कई अन्य फर्जी कागजात भी उनके नाम से बनवा लिए और फोटो दूसरे व्यक्ति की लगवा कर जमीन को 95 करोड़ में बेचने की तैयारी कर रहे थे।
बता दें कि आरोपित जमीन के आधार पर करीब 200 करोड़ रुपये का लोन लेने की फिराक में भी थे। पुलिस ने बताया कि गिरोह के अन्य आरोपी फरार हो गए हैं, जिन्हें जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा।
साल 2023 से जमीन बेचने की कर रहे थे साजिश:
डीसीपी (DCP) शक्तिमोहन अवस्थी ने बताया कि वर्तमान में बिसरख कोतवाली क्षेत्र के ग्राम शाहबेरी के निवासी मुजाहिद हुसैन मूलरूप से तो गाजियाबाद के डासना कस्बा के रहने वाले हैं। साथ ही वर्तमान में वह (मुजाहिद हुसैन) नगर पंचायत डासना के चेयरमैन भी हैं। ग्राम शाहबेरी में उनकी करीब 2.009 हेक्टेयर जमीन है।
चेयरमैन के द्वारा 28 फरवरी 2025 को बिसरख कोतवाली में एक बड़ा फर्जीवाड़ा करके उनकी जमीन बेचने का प्रयास किए जाने वाले मामले की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जिसके बाद पुलिस ने जांच की तो उन्हें पता चला कि जालसाज साल 2023 से उनकी जमीन बेचने की तैयारी में थे।
आखिर कौन है इस गिरोह का सरगना:
पुलिस टीम के द्वारा बीते मंगलवार को राकेश कुमार समेत सिराजुद्दीन तथा महेंद्र कुमार पटवारी को गिरफ्तार किया गया। वहीं उनसे पूछताछ में यह पता चला कि जालसाजाें के द्वारा मेरठ के दरौला थाना क्षेत्र के अंतर्गत बलोदपुर निवासी सिराजुद्दीन जो कि एक निरक्षर शख़्स हैं, को चेयरमैन बनाया था।
इसके अतिरिक्त जाली आधार, पैन तथा किसान बही में नाम एवं पता चेयरमैन मुजाहिद हुसैन का दर्ज कराया गया, जबकि फोटो सिराजुद्दीन की ही लगा रखी थी। बता दें कि गिरोह का सरगना हरियाणा के पानीपत जिले अंतर्गत थाना इसराना के माजरा ब्राह्मण का निवासी राकेश कुमार है।
एडिटिंग के माध्यम से तैयार कराए गए थे फर्जी कागजात:
डीसीपी (DCP) के द्वारा यह बताया गया कि गिरोह का सदस्य बुलंदशहर के अगाैता थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अजीतपुर का निवासी है। महेंद्र कुमार पटवारी 10वीं कक्षा तक पढ़ा है। इस मामले में वही फर्जी कागजात बनवाता था।
साथ ही इस मामले में उसने बुलंदशहर में स्थित एक साइबर कैफे से कंप्यूटर एडिटिंग के माध्यम से चेयरमैन के नाम से जाली आधार, पैन तथा जोत बही आदि सभी कागजात बनवाए थे। फिलहाल आरोपित कैफे संचालक का भी पता लगाया जा रहा है। जल्द ही उसके भी खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में कई पार्टियों के साथ आरोपितों की हो चुकी थी मीटिंग:
पुलिस का यह भी कहना है कि अभी तक की जांच में जो भी सामने आया है उससे पता चलता है कि राकेश समेत गिरोह के अन्य कई सदस्य दिल्ली के हनुमंत नामक एक होटल में करीब डेढ़ महीने से डेरा डाले हुए थे। इस दौरान जमीन के सौदे को लेकर दिल्ली की कई पार्टियों से उनकी मीटिंग भी हो चुकी थी।
करीब 200 करोड़ रुपये का लोन लेने की फिराक में थे आरोपी:
डीसीपी के अनुसार गिरोह चेयरमैन की उक्त जमीन को करीब 95 करोड़ में बेचने की साजिश लगभग 2 वर्ष से कर रहे थे। इस जमीन के आधार पर ही वह पटियाला कोर्ट में सिराजुद्दीन के नाम पर लगभग 200 करोड़ का लोन मंजूर कराने की फिराक में लगे थे थे।
इसके लिए आरोपितों ने यश बैंक में 3 खाते भी खुलवाए गए थे। पुलिस ने बताया कि महेंद्र पटवारी का दादरी तहसील में काफी आना जाना होता था, जिससे वह तहसील से संबंधित जमीन के सभी फर्जी कागजात जल्द से जल्द तैयार करा देता था।
प्रॉपर्टी डीलरों के वहां पहुंचने के बाद चेयरमैन को लगी थी मामले की भनक:
दरअसल डासना के चेयरमैन को उनकी जमीन जालसाजी के माध्यम से बेचने की भनक तब लगी जब कई प्रॉपर्टी डीलर उनसे सौदा करने के लिए वहां पहुंचे। प्रॉपर्टी डीलरों के द्वारा चेयरमैन को यह बताया गया कि किसी के माध्यम से उनको जमीन बेचने की जानकारी हुई है। इसलिए वह यहां आए हैं।
इस घटना के बाद ही चेयरमैन के द्वारा पुलिस से इसकी शिकायत की गई। वहीं पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपित विवादित जमीनों को ही अपना निशाना बनाते थे अथवा किसी जमीन को लेकर खुद ही विवाद कराने के पश्चात उसका सौदा कराने में जुट जाते थे।
कार तथा मोबाइल समेत कई जाली कागजात हुए बरामद:
डीसीपी के द्वारा यह बताया गया है आरोपित 4 मार्च को ग्राम शाहबेरी के खसरा संख्या 168 पर कार से पहुंच करके जमीन का सत्यापन कर रहे थे। इसी समय पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उनके कब्जे से आधार, पैन कार्ड समेत खसरा की कापी, किसान बही की कापी तथा खतौनी सहित सभी कागजात जाने कर लिए गए ,जो चेयरमैन मुजाहिद हुसैन के नाम से जाली रूप से तैयार किए गए थे। आरोपितों के पास से 2 मोबाइल और होंडा अमेज कार भी बरामद की गई है।