ग्रेटर नोएडा: आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती 2023 की डीवीपीएसटी परीक्षा के दौरान फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरक्षण का लाभ लेने की कोशिश कर रहे सात अभ्यर्थियों को गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना ईकोटेक-3 पुलिस द्वारा की गई। जिसमें आरोपियों के पास से फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र भी बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए अभ्यर्थियों की पहचान सुमित (21 वर्ष) निवासी ग्राम समसपुर, राहुल सिंह (27 वर्ष) निवासी ग्राम शाहपुर कलां, विजय कुमार (29 वर्ष) निवासी ग्राम खखुड़ा, अकील खां (27 वर्ष), मनीष कुमार (28 वर्ष) निवासी ग्राम मुरली नंगला, रामकुमार सिंह (29 वर्ष) निवासी बापूनगर खुर्जा जंक्शन और पवन कुमार (27 वर्ष) निवासी ग्राम मुबारिकपुर तहसील खुर्जा, जिला बुलंदशहर के रूप में की गई है। सभी आरोपी बुलंदशहर जिले के विभिन्न इलाकों के रहने वाले हैं।
फर्जी दस्तावेजों के जरिए आरक्षण का लाभ पाने की साजिश:
पुलिस अधिकारियों के अनुसार 31 जनवरी 2025 को गौतमबुद्ध नगर की रिजर्व पुलिस लाइन में डीवीपीएसटी प्रक्रिया के दौरान जब इन अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्रों की जांच की गई तो उन पर संदेह हुआ। जांच के बाद संबंधित जिलों से प्रमाण पत्रों की पुष्टि कराई गई, जिससे पता चला कि ये प्रमाण पत्र फर्जी थे और इन्हें किसी भी सरकारी कार्यालय द्वारा जारी नहीं किया गया था।
कबूलनामे से हुआ खुलासा
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपियों से कड़ी पूछताछ की तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने आरक्षण का लाभ पाने के उद्देश्य से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए थे। इन दस्तावेजों के जरिए वे भर्ती प्रक्रिया में अनुचित लाभ लेने की फिराक में थे।
पुलिस ने जब्त किए फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (4), 338, 336 (3), 340 (2) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अध्यादेश 2024 की धारा 13 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इसके साथ ही सात फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र भी जब्त किए गए हैं।
अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है कि इन फर्जी दस्तावेजों को बनाने में और कौन-कौन लोग शामिल थे। साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस गिरोह के तार अन्य स्थानों या भर्ती परीक्षाओं से भी जुड़े हुए हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस फर्जीवाड़े के पूरे रैकेट का खुलासा किया जाएगा।