ग्रेटर नोएडा: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 138वीं बोर्ड के द्वारा कुल 5600 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि प्रदेश के मुख्य सचिव तथा नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को संपन्न हुई बोर्ड बैठक में इस पर मुहर लगा दी गई है। वहीं आगामी वित्त वर्ष में बजट के माध्यम से सर्वाधिक जोर जमीन अधिग्रहण तथा विकास समेत निर्माण कार्यों पर भी रहेगा। इसके अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने एवं गांवों तथा सेक्टरों के विकास कार्यों पर भी प्राधिकरण का मुख्य फोकस रहेगा।
ग्रेटर नोएडा के प्रति औद्योगिक निवेशकों का बढ़ा है रुझान: CEO
ग़ौरतलब है कि बोर्ड बैठक की जानकारी देते हुए ग्रेटर नोएडा के सीईओ एनजी रवि कुमार के द्वारा यह बताया गया है कि बीते कुछ वर्षों में ग्रेटर नोएडा के प्रति औद्योगिक निवेशकों का रुझान काफी तेजी से बढ़ा है। इसलिए तमाम निवेशक यहां उद्योग लगाने के लिए जमीन की मांग कर रहे हैं।
ऐसे में उनको जमीन उपलब्ध कराने के लिए प्राधिकरण लगातार प्रयास कर रहा है। इस वजह से वर्ष 2025-26 के बजट में जमीन अधिग्रहण तथा इंफ्रास्ट्रक्चर पर अधिक जोर दिया जा रहा है। वहीं इस बार जमीन अधिग्रहण पर करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही निर्माण तथा विकास कार्यों पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।
गांवों के विकास पर खर्चे होंगे 515 करोड़ रुपये: CEO
उन्होंने बताया कि इसके लिए लगभग 1973 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। साथ ही इस साल गावों के विकास पर भी लगभग 515 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है। जबकि आगामी वित्तीय वर्ष के लिए पूंजीगत भुगतान पर करीब 292 करोड़ रुपये खर्च करने का आकलन है।
CEO ने बताया कि यह रकम ग्रेटर नोएडा वेस्ट में एक स्टेडियम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण, ग्रेटर नोएडा ईस्ट व वेस्ट में बड़े ग्राउंड का निर्माण, शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण, सेक्टरों में मल्टीपरपज हॉल अथवा सामुदायिक केंद्र का निर्माण, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की मेट्रो का निर्माण तथा जेवर एयरपोर्ट में अंशदान आदि पर खर्च करने का लक्ष्य रखा गया है।
इन कार्यों को पूरा करने का रखा गया है लक्ष्य:
इसके अतिरिक्त CEO रवि कुमार के द्वारा यह भी बताया गया कि विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए तय किए गए 1973 करोड़ रुपये से फुटओवर ब्रिज का निर्माण तथा एसटीपी और अंडरपास का निर्माण कार्य किए जाएंगे।
साथ ही स्ट्रक्चर पार्क, विद्युत सबस्टेशन, ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेें अस्पतालध्हेल्थ सेंटर का निर्माण, नए कॉलेजों का निर्माण, वेंडर मार्केट, क्योस्क का निर्माण आदि कार्य किए जाएंगे। 2025-26 वित्त वर्ष के लिए 100 करोड़ रुपये ग्रीनरी पर खर्च करने का लक्ष्य है।
संपत्तियों की वर्तमान दरों में औसतन 5 प्रतिशत वृद्धि को भी मिली मंजूरी:
साथ ही बैठक में औद्योगिक, आवासीय, वाणिज्यिक एवं संस्थागत संपत्तियों की वर्तमान दरों में औसतन 5 प्रतिशत वृद्धि को भी बोर्ड के द्वारा मंजूरी दे दी गई है। बता दें कि यह वृद्धि बाजार दरों तथा ई-ऑक्शन से प्राप्त दरों के आधार पर ही तय की गई है। वहीं अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों पर बनी पॉलिसी के अंतर्गत 98 में से 77 बिल्डर परियोजनाओं को भी लाभ मिला है। अब तक करीब 35,494 फ्लैटों की रजिस्ट्री की जा चुकी है तथा 40,003 फ्लैटों के लिए कार्य पूर्ति प्रमाणपत्र भी जारी किए गए हैं।
कई अन्य परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी:
इसके अतिरिक्त शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम को अब सेंटर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इससे खेल सुविधाओं का फायदा आम जनता को भी मिल सकेगा। बोर्ड के द्वारा ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बढ़ते यातायात को भी ध्यान में रखते हुए सेक्टर-4 से एनएच-24 तक शाहबेरी होते हुए एक एलिवेटेड रोड बनाने की मंजूरी दी।
बता दें कि इस परियोजना पर लगभग 400 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। वहीं दादरी के आईसीडी के पास पीएम गति शक्ति योजना के अंतर्गत लगभग 260 एकड़ भूमि पर कार्गो टर्मिनल विकसित किया जाएगा, जिससे करो 15,000 से अधिक रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
अग्निशमन सेवाओं को बनाया जाएगा सशक्त:
आपको बता दें कि बोर्ड के द्वारा ग्रेटर नोएडा में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), वेस्टर्न सिडनी विश्वविद्यालय तथा एक कमर्शियल कोर्ट को किराए पर स्थान देने की मंजूरी दी गई है।
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में अग्निशमन सेवाओं को भी सशक्त बनाने के लिए कुल 29.48 करोड़ रुपए की लागत से फायर उपकरणों की जल्द खरीद की जाएगी। जिसमें रोबोट फायर तथा फोम टेंडर समेत हाईराइज फायर फाइटिंग व्हीकल एवं अन्य उपकरण भी शामिल हैं।
कामकाजी महिलाओं के लिए बनेंगे 3 श्रमजीवी महिला छात्रावास:
इसके अतिरिक्त ग्रेटर नोएडा में कामकाजी महिलाओं के लिए 3 श्रमजीवी महिला छात्रावास भी बनाए जाएंगे, जिनके लिए 1 रुपया सालाना की लीज पर भूमि दी जाएगी। वहीं नोएडा एयरपोर्ट में तैनात होने वाले सीआरपीएफ (CRPF) जवानों को अब ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के द्वारा निर्मित खाली फ्लैट किराए पर दिए जा सकेंगे।
साथ ही कुछ फ्लैट सरकारी महकमों को भी आवंटित किए जाएंगे। आपको बता दें कि बोर्ड के द्वारा फ्लैट खरीदारों को भी बड़ी राहत दी गई है, जिसके तहत रजिस्ट्री में देरी होने पर लगने वाले 100 रुपए प्रतिदिन के जुर्माने को फिलहाल 3 महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है।
बैठक में कई उच्च अधिकारी भी रहे मौजूद:
आपको बता दें कि बोर्ड बैठक में चेयरमैन तथा सीईओ के अतिरिक्त नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ लोकेश एम, DM मनीष कुमार वर्मा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, ACEO सुनील कुमार सिंह, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ प्रेरणा सिंह तथा यीडा के एसीईओ नागेंद्र प्रताप, जीएम वित्त विनोद कुमार एवं जीएम प्लानिंग लीनू सहगल, जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह तथा OSD एनके सिंह सहित अन्य कई अधिकारी भी मौजूद रहे।