होली के एक सीन ने बदल दी इन फिल्मों की किस्मत!: आज भी बड़े मन से सुने जाते है इनके गाने और?
होली के एक सीन ने बदल दी इन फिल्मों की किस्मत!

एंटरटेनमेंट डेस्क: बॉलीवुड और होली का रिश्ता बहुत पुराना है। कई फिल्मों में होली के खास गाने और सीन को बेहतरीन ढंग से फिल्माया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ फिल्में ऐसी भी रही हैं जिनकी सफलता में होली के दृश्यों का बड़ा योगदान रहा? ये फिल्में सिर्फ अपने कथानक या कलाकारों के कारण ही नहीं बल्कि खास होली सीक्वेंस की वजह से भी दर्शकों के बीच हिट साबित हुईं।

आइए जानते हैं 5 ऐसी फिल्मों के बारे में जिनमें होली का जश्न सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि कहानी का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।

1- शोले (Sholay)

बॉलीवुड की सबसे आइकॉनिक फिल्मों में से एक शोले में होली का एक अहम सीन था। "होली के दिन दिल खिल जाते हैं" गाने के बाद ही गब्बर सिंह (अमजद खान) गांव पर हमला करता है। इसी दौरान जय (अमिताभ बच्चन) और वीरू (धर्मेंद्र) की गब्बर से सीधी टक्कर होती है। यह सीन फिल्म के पूरे मूड को बदल देता है और आगे की कहानी का असली एक्शन यहीं से शुरू होता है।

2- नदिया के पार (Nadiya Ke Paar)

फिल्म नदिया के पार का गाना "जोगी जी धीरे धीरे" होली का एवरग्रीन सॉन्ग माना जाता है। यह गाना चंदन (सचिन पिलगांवकर) और गुंजा (साधना) के रिश्ते को मजबूत करता है लेकिन गाने के बाद कहानी पूरी तरह से बदल जाती है और ड्रामा अपने पीक पर पहुंच जाता है।

3- आप बीती (Aap Beati)

शशि कपूर और हेमा मालिनी की फिल्म आप बीती का होली गाना "नीला पीला हरा गुलाबी" आज भी होली पर बजता है। लेकिन इसी गाने के बाद कहानी अचानक सीरियस हो जाती है। गाने के बाद कुछ गुंडे गीता (हेमा मालिनी) को परेशान करने लगते हैं जिससे फिल्म की कहानी का पूरा रुख बदल जाता है और एक नया ड्रामा शुरू हो जाता है।

4- कटी पतंग (Kati Patang)

राजेश खन्ना और आशा पारेख की इस फिल्म में "खेलेंगे हम होली" गाना खूब पॉपुलर हुआ था। इस गाने के बाद कहानी में नया मोड़ आता है जब कमल (राजेश खन्ना) और मधु (आशा पारेख) के बीच प्यार की शुरुआत होती है। लेकिन इसी के साथ कहानी में कुछ ऐसे ट्विस्ट आते हैं जो दर्शकों को चौंका देते हैं।

5- डर (Darr)

यश चोपड़ा की फिल्म डर में होली का सीन कहानी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था। "अंग से अंग लगाना" गाने के दौरान राहुल (शाहरुख खान) जबरदस्ती किरण (जूही चावला) को रंग लगा देता है। यह सीन सुनील (सनी देओल) को पसंद नहीं आता और यहीं से कहानी में जबरदस्त थ्रिल और सस्पेंस शुरू हो जाता है।

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