नोएडा प्राधिकरण का 8732 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट: डेवलपमेंट पर मुख्य फोकस के साथ किसानों के लिए...वही जानें किन क्षेत्रों के लिए कितना हुआ आवंटन?
नोएडा प्राधिकरण का 8732 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट

नोएडा: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नोएडा प्राधिकरण का कुल बजट 8732 हजार करोड़ रुपए पास किया गया है। यह विगत वित्तीय वर्ष के बजट से लगभग 1287 करोड़ रुपए अधिक है। बता दें कि बोर्ड की अध्यक्षता मुख्य सचिव मनोज सिंह के द्वारा की गई। वहीं इस दौरान नोएडा प्राधिकरण सीईओ (CEO) लोकेश एम समेत ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के CEO रविकुमार एनजी और डीएम मनीष वर्मा आदि भी मौजूद रहे।

विगत वर्ष तय मानकों के अनुसार खर्च नहीं हो सका था बजट:

प्राधिकरण के द्वारा यह बताया गया कि विगत वर्ष के बजट का अधिकांश हिस्सा तय मानकों के अनुरूप खर्च नहीं कर सके थे। ऐसे में इस वित्तीय बजट में उसे शामिल किया गया है। उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2024-25 में कुल 7433.76 करोड़ रुपये का बजट था। 

जबकि राजस्व का लक्ष्य 7713 करोड़ रुपये रखा गया था। राजस्व के सापेक्ष 28 फरवरी की तारीख तक कुल 6809 करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुई थी। यह कुल लक्ष्य का करीब 88.28 प्रतिशत रहा। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि परिसंपत्तियों के आवंटन में लाई गई योजनाओं में बिल्डर्स की तरफ से बकाया जमा नहीं किया गया। 

वहीं बजट के अनुसार 28 फरवरी की तारीख तक के 3032 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए। वहीं प्राधिकरण  द्वारा बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में न्यू नोएडा के लिए भी लगभग 1000 करोड़ रुपए आरक्षित किए गए थे लेकिन इसका उपयोग नहीं हो सका।

NMRC के लिए 475 करोड़ के बजट का नहीं हुआ उपयोग:

प्राधिकरण के द्वारा एनएमआरसी (NMRC) के जरिए नई मेट्रो के लिए भी करीब 475 करोड़ रुपये खर्च करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन इसके सापेक्ष कोई मेट्रो परियोजना नहीं आई। वहीं तमाम अन्य परियोजनाओं पर भी विकास के लिए तकरीबन 2431 करोड़ रुपए खर्च करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन मात्र 475 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए हैं। ऐसे में पुनरीक्षित करते हुए इस बार का कुल वित्तीय बजट करीब 8732 हजार करोड़ रुपए ही रखा गया है।

आइए जानते हैं बजट का आवंटन:

1)नोएडा में इस बार कुल 250 करोड़ रुपए भूमि अधिग्रहण के लिए खर्च किए जाएंगे।

2)वहीं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए भी करो 1600 करोड़ रुपए दिए जाएंगे।

3)इसी प्रकार विकास कार्यों के लिए भी कुल 2410.77 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

4)न्यू नोएडा के लिए इस बार 1000 करोड़ से घटाकर 10 करोड़ रुपए का ही प्रावधान किया गया है।

5)वहीं अनुरक्षण कार्य पर करीब 2229 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

6)वहीं ग्राम विकास के लिए भी कुल 224 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

7)आफिस व्यय के लिए लगभग 254 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

नोएडा में बढ़ाई गई संपत्ति की दर:

आपको बता दें कि नोएडा में संपत्ति बनाना एक बार फिर से महंगा हो गया है। दरअसल वाणिज्यिक श्रेणी को छोड़कर प्राधिकरण के द्वारा आवासीय, संस्थागत (आईटी, आईटीईएस तथा डेटा सेंटर), औद्योगिक (आईटी, आईटीईएस तथा डेटा सेंटर) के लिए भूमि आवंटन दर में कुल 6 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की गई है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में आने वाली स्कीम इसी दर पर आवंटित की जाएगी।

इसके अंतर्गत औद्योगिक श्रेणी में कुल 66,867 वर्गमीटर, संस्थागत में करीब 3 लाख 4 हजार 321 वर्गमीटर, आवासीय में कुल 9686 वर्गमीटर तथा ग्रुप हाउसिंग में करीब 91 हजार 820 के अतिरिक्त वाणिज्यिक में कुल  10 लाख 16 हजार 186 वर्गमीटर का लैंड बैंक है। इन सभी भूखंडों पर अलग-अलग स्कीमों को लांच किया जाएगा। ऐसे में इस वित्तीय वर्ष में करीब 14 लाख 88 हजार 880 वर्गमीटर भूमि आवंटित करने का लक्ष्य तय किया गया है।

कोर्ट गए किसानों को मिलेगा 10 प्रतिशत भूमि के सापेक्ष धनराशि:

आपको बता दें कि बोर्ड के द्वारा किसानों को भी राहत दी है। दरअसल गजराज केस में उच्च न्यायालय के द्वारा 21 अक्टूबर 2011 को दिए गए आदेशानुसार जो भी काश्तकार बचे हुए है। उन सभी किसानों को 10 प्रतिशत आबादी भूखंड के समतुल्य ही धनराशि दी जाएगी। 

वहीं यदि काश्तकार इस विकल्प को नहीं चुनना चाहते है तो उनको भविष्य में भूमि उपलब्ध होने की दशा में अर्जित भूमि के सापेक्ष कुल 5 प्रतिशत आबादी भूखंड का आवंटन तथा 5 प्रतिशत आबादी भूखंड के समतुल्य ही धनराशि दी जाएगी।

नई नीति को भी किया गया शामिल:

वहीं रोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरण के द्वारा उप्र एयरोस्पेस एवं रक्षा इकाई तथा रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024 एवं मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क नीति-2024 को भी अंगीकृत किया गया है। 

इससे निवेश तथा रोजगार दोनों में बढ़ोत्तरी होगी। इसके अतिरिक्त स्ट्रक्चरल ऑडिट पॉलिसी में ऑडिट करने वाले पैनल में भी प्रतिष्ठित निजी संस्थाओं के पैनल को शामिल करने हेतु एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट को जारी करने का निर्णय लिया गया है।

लिगेसी के अंतर्गत हुई रजिस्ट्री:

आपको बता दें कि बोर्ड में लिगेसी के अंतर्गत बिल्डरों के द्वारा कुल बकाया राशि का 25 प्रतिशत पैसा जमा किया गया। जिसके अंतर्गत अब तक कुल 533.91 करोड़ रुपए प्राधिकरण के पास आए हैं। इससे लगभग 2726 फ्लैट बायर्स की रजिस्ट्री हो चुकी है। वहीं यदि सभी 57 बिल्डर प्रोजेक्ट का 25 प्रतिशत पैसा जमा कर देते हैं तो कुल मिलाकर 3620 बायर्स की रजिस्ट्री हो सकती है।

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