आज से अमेरिका लगाएगा जवाबी टैरिफ!: भारत समेत कई देशों पर पड़ेगा असर के मद्देनजर शेयर मार्केट में देखी गई भारी गिरावट? जानें इससे बचने के लिए क्या है भारत की रणनीति
आज से अमेरिका लगाएगा जवाबी टैरिफ!

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि 2 अप्रैल यानी आज से वो विभिन्न देशों के खिलाफ जवाबी टैरिफ लागू करेंगे। इस फैसले से वैश्विक स्तर पर आर्थिक हलचल मची हुई है। भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है। भारतीय शेयर बाजार में इसकी प्रतिक्रिया पहले ही देखने को मिली है जहां कल सेंसेक्स 1400 अंकों तक गिर गया जबकि निफ्टी में 353 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।हालांकि भारत सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय इस मुद्दे पर गहराई से विचार कर रहा है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाने की घोषणा कर सकता है।

व्हाइट हाउस का बयान

व्हाइट हाउस ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि ट्रंप का बहुप्रतीक्षित टैरिफ पहले की अपेक्षा जल्दी लागू किया जाएगा। यह टैरिफ 2 अप्रैल की देर रात या 3 अप्रैल की सुबह से प्रभावी हो जाएगा। इसके संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए भारत सहित कई देश अपनी व्यापारिक रणनीतियों पर पुनर्विचार कर रहे हैं।

ट्रंप ने बताया इसे 'मुक्ति दिवस'

ट्रंप ने इस फैसले को 'मुक्ति दिवस' बताते हुए दावा किया कि भारत जल्द ही अपने टैरिफ को काफी हद तक कम करेगा। उन्होंने यूरोपीय संघ (ईयू) का उदाहरण देते हुए कहा कि ईयू ने अपनी कारों पर लगने वाले शुल्क को पहले ही 2.5% घटा दिया है और अब अमेरिका भी इसी दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

भारत सरकार की रणनीति तैयार

अमेरिका द्वारा लगाए गए इस टैरिफ के तीन प्रमुख संभावित प्रभावों को ध्यान में रखते हुए भारत अपनी रणनीति तैयार कर रहा है। सरकार की योजना है कि तीन अप्रैल को इस मुद्दे पर ठोस घोषणा की जाएगी। वाणिज्य मंत्रालय इस टैरिफ के प्रभावों का गहन अध्ययन कर रहा है और जल्द ही उपयुक्त कदम उठाएगा।

भारत को नहीं होगा ज्यादा नुकसान?

सूत्रों के मुताबिक अगर यह टैरिफ केवल कुछ विशेष सेक्टरों पर लागू किया जाता है तो भारत को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। कारण यह है कि भारत जिन उत्पादों का निर्यात करता है, वे अमेरिकी निर्यात सूची में शामिल नहीं हैं।हालांकि अगर टैरिफ को कुल व्यापार संतुलन के आधार पर लागू किया जाता है तो भारत के लिए चुनौती बढ़ सकती है। अमेरिका के मुकाबले भारत 36 अरब डॉलर अधिक निर्यात करता है और ट्रंप प्रशासन इस असंतुलन को कम करने के लिए कदम उठा सकता है।

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता जारी

लोकसभा में वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत सरकार अमेरिका के साथ व्यापार संबंधों को संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभदायक बनाने के लिए लगातार बातचीत कर रही है। उद्योगों को नई आपूर्ति श्रृंखलाओं की पहचान करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि टैरिफ के प्रभाव को कम किया जा सके।भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार वार्ता पहले से ही जारी है और इसे आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उम्मीद है कि इस साल के अंत तक व्यापार वार्ता के पहले चरण को पूरा कर लिया जाएगा जिससे भारत को अपने शुल्क ढांचे को समायोजित करने का समय मिल सकता है।

अमेरिका, भारत से क्या चाहता है?

अमेरिका चाहता है कि भारत अपने टैरिफ को काफी हद तक कम करे। ट्रंप प्रशासन भारत को एक ऐसा देश मानता है जो आयात शुल्क बहुत अधिक रखता है। इसके अलावा अमेरिका की टेक कंपनियों पर भारत द्वारा लगाए जाने वाले करों और डेटा सुरक्षा नीतियों पर भी उसे आपत्ति है।अमेरिका यह भी चाहता है कि भारत में अमेरिकी डेयरी उत्पादों का निर्यात हो सके लेकिन भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं को देखते हुए यह संभव नहीं है, क्योंकि अमेरिका में पशुचारे में मांसाहारी तत्वों का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा अमेरिका चाहता है कि भारतीय मछुआरे ऐसी तकनीक अपनाएं जिससे समुद्री कछुए न फंसें।

भारत के लिए अमेरिका का महत्व

भारत के लिए अमेरिका एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार है। भारत के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 20% से अधिक है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना हो गया है और ट्रंप प्रशासन इसे 2030 तक 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखता है।

अमेरिकी कृषि उत्पादों पर भारत का टैरिफ

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि भारत उनके कृषि उत्पादों पर 100% टैरिफ लगाता है जिससे अमेरिकी उत्पादों को भारतीय बाजार में प्रवेश करना मुश्किल हो जाता है। ट्रंप प्रशासन इसे अमेरिका के लिए एक बड़ी व्यापारिक बाधा मानता है। इसी कारण अमेरिकी अधिकारी एक नई व्यापार नीति पर विचार कर रहे हैं जिसमें अमेरिका में आयात किए जाने वाले लगभग सभी उत्पादों पर 20% टैरिफ लगाने की सिफारिश की गई है।

भारत की आगे की योजना

भारत के केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लोकसभा में कहा कि भारत की टैरिफ नीति का मुख्य उद्देश्य व्यापार को संतुलित करना, घरेलू उद्योगों की रक्षा करना और सरकार के लिए राजस्व उत्पन्न करना है। भारत धीरे-धीरे मुक्त व्यापार समझौतों की दिशा में बढ़ रहा है जिससे व्यापार बाधाओं को कम किया जा सके।भारत का लक्ष्य घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहित करना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करना है। इसके अलावा भारत अमेरिका के साथ द्विपक्षीय वार्ता को प्राथमिकता दे रहा है ताकि टैरिफ विवाद को सौहार्दपूर्ण तरीके से हल किया जा सके।

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