भूकंप: बीते शुक्रवार (28 मार्च) को म्यांमार और थाईलैंड में आए भूकंप ने कई देशों में भयंकर तबाही मचाई है। भूकंप की वजह से अकेले म्यांमार में ही करीब 1002 से अधिक लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। वहीं सैंकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त इस भूकंप में अभी तक लगभग 2300 से अधिक लोग घायल भी हो चुके हैं। जबकि तमाम लोग लापता बताए जा रहे हैं। वहीं थाईलैंड में भी करीब 10 लोगों की मौत अब तक भूकंप से हो चुकी है। फिलहाल लगातार राहत-बचाव कार्य तेजी से किया जा रहा है
म्यांमार समेत करीब 5 देशों पर हुआ भूकंप का असर:
आपको बता दें कि अचानक आई इस आपदा के पश्चात म्यांमार के द्वारा देश में आपातकाल लगा दिया गया है। वहीं इस भंयकर भूकंप का असर सिर्फ म्यांमार पर ही नहीं पड़ा बल्कि आसपास के अन्य देशों में भी देखने को मिला है।
भूकंप का असर भारत, चीन तथा नेपाल समेत करीब 5 देशों में देखने को मिला है। वहीं भूकंप से प्रभावित म्यांमार की मदद के लिए भारत के द्वारा ऑपरेशन ब्रह्मा के अंतर्गत राहत सामग्री भेजी गई है। वायुसेना का विमान सी-130 जे करीब 15 टन राहत सामग्री लेकर यांगून पहुंच चुका है।
यूएसजीएस का दावा कि 1000 से अधिक लोगों की हुई मौत:
आपको बता दें कि वहीं अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण(USGS) का यह अनुमान है कि मरने वालों की संख्या करीब 1,000 से भी अधिक हो सकती है। वहीं अस्पतालों में खून की भारी किल्लत की भी लगातार खबरें मिल रही हैं। म्यांमार में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी हैं, लेकिन हर तरफ पड़े मलबे का ढेर, टूटी सड़कें, एवं ढही इमारतें ही नजर आ रही है।
ऐसा बताया जा रहा है कि अस्पतालों में घायलों की तादाद अब हजारों में पहुंच गई है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार इस भूकंप से मरने वालों की संख्या लगभग 1,000 से अधिक हो सकती है। वहीं सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमार के अनुसार देश में 5 शहरों तथा कई कस्बों में इमारतें गिर गई हैं और 2 प्रमुख पुल भी ढह चुके हैं।
म्यांमार के इन शहरों को हुआ भारी नुकसान:
आपको बता दें कि भूकंप ने सर्वाधिक तबाही म्यांमार में मचाई है। वहीं इस विनाशकारी भूकंप के द्वारा देश के मंडाले, नेपिटॉ, यांगून तथा कई अन्य शहरों में इमारतों, पुलों समेत सड़कों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। लेकिन सबसे अधिक मौतें नेपिटॉ शहर में हुई हैं। यहां से करीब 90 से अधिक लोगों की मौत का आंकड़ा अब तक सामने आया है।
म्यांमार में स्थिति बेहद गंभीर, लगातार बढ़ रही हताहतों की संख्या:
वहीं म्यांमार की सैन्य सरकार के प्रमुख तथा सीनियर जनरल मिन आंग हलाइंग के द्वारा टेलीविजन पर बताया गया कि देश में अब तक लगभग 144 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। क्योंकि भूकंप का केंद्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मंडाले के पास में ही था।
वहीं झटकों के बाद कई आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद होने वाले झटके) भी महसूस किए गए हैं, जिनमें से एक की तीव्रता 6.4 मापी गई। मंडाले में भूकंप ने कई बड़ी इमारतों को जमींदोज कर दिया है, जिनमें शहर का एक प्रमुख मठ भी शामिल था। वहीं राजधानी नेपिटॉ में भी कई सरकारी कर्मचारियों के आवासीय भवन अब मलबे में तब्दील हो गए, जहां बचाव दल पीड़ितों को निकालने में लगातार जुटा हुआ है।
भारत, चीन, रूस तथा अमेरिका समेत संयुक्त राष्ट्र ने भी की सहायता की घोषणा:
गौरतलब है कि म्यांमार सरकार के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में अब रक्तदान की अत्यधिक आवश्यकता पड़ है। जिस वजह से अस्पतालों में खून की भारी कमी बताई जा रही है। वहीं आपदा में घायल लोगों से अस्पताल पूरे भरे पड़े हैं। साथ ही म्यांमार इस आपदा में दवाओं तथा अन्य राहत सामाग्री की कमी से भी जूझ रहा है।
हालांकि सैन्य सरकार के द्वारा विदेशी सहायता स्वीकार करने की घोषणा की गई है, जबकि संयुक्त राष्ट्र के द्वारा प्रारंभिक राहत कार्यों के लिए 5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि भी जारी की गई है। वहीं चीन तथा रूस ने म्यांमार में अपने बचाव दल भेजे हैं, राष्ट्रपति ट्रंप के द्वारा भी अमेरिकी मदद की बात कही गई है।
देश में पुल और मठ समेत बांध भी टूटा:
सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑनलाइन वीडियो में देखा गया है कि मंडाले की एक सड़क पर भिक्षु अपने मठ में सोने जाने की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे, तभी वह मठ पूरी तरह से धराशायी हो गया।
हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि इस दुर्घटना में कोई घायल हुआ है अथवा नहीं। वहीं क्रिश्चियन एड नामक संगठन के द्वारा यह बताया गया है कि भूकंप से एक बांध भी टूट गया, जिस वजह से शहर के निचले इलाकों में अत्यधिक पानी भर गया है।
बैंकॉक में भी गिरी शहर की ऊंची इमारत:
इसके अतिरिक्त थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में भी इस भूकंप का बड़ा प्रभाव महसूस किया गया है। दरअसल यहां एक 33 मंजिला निर्माणाधीन इमारत भूकंप की वजह से पूरी तरह से गिर गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस इमारत के गिरते ही पूरे इलाके में धूल का एक गुबार छा गया, लोग घबराकर चीखने लगे तथा सड़कों पर अफरा-तफरी मच गई।
वहीं दूसरी तरफ बैंकॉक प्रशासन के अनुसार भूकंप की वजह से इस दुर्घटना में अब तक लगभग 10 लोगों की मौत हो चुकी है, 16 घायल हैं जबकि 101 लोग लापता हैं। थाईलैंड सरकार के द्वारा इसे "भयानक त्रासदी" करार दिया गया है और कहा गया है कि अभी भी कुछ लोगों के जीवित होने की उम्मीद बाकी है।
चीन में भी मिली घायलों की सूचना:
वहीं चीनी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भूकंप का असर चीन में भी देखने को मिला है। दरअसल चीन के युन्नान तथा सिचुआन प्रांतों में भी यह बड़े स्तर पर महसूस किया गया। वहीं म्यांमार की सीमा पर स्थित रुइली शहर में तो भूकंप से नुकसान तथा कई चोटें भी आईं हैं।
दरअसल सामने आए एक वीडियो में रुइली में सड़क पर इमारत का मलबा बिखरा हुआ दिखाई दे रहा है तथा एक व्यक्ति को स्ट्रेचर पर एम्बुलेंस की तरफ ले जाया जा रहा था। रुइली से करीब 100 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित चीनी शहर मंगशी में भूकंप के झटके तो इतने तेज थे कि लोग खड़े तक नहीं हो पा रहे थे।
ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत भारत ने भेजी राहत:
आपको बता दें कि भारत के द्वारा सहायता के तौर पर म्यांमार को करीब 15 टन की राहत सामग्री भेजी गई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर के द्वारा अपने एक्स पर यह जानकारी साझा की गई है। उन्होंने लिखा कि ऑपरेशन ब्रह्मा के अंतर्गत भारतीय वायुसेना (आईएएफ) सी-130जे विमान में सवार होकर तत्काल रूप से म्यांमार को राहत सामग्री भेजी गई है।
वहीं राहत पैकेज में टेंट, स्लीपिंग बैग तथा कंबल समेत खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट एवं पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, सीरिंज, दस्ताने तथा पट्टियां जैसी कई आवश्यक चीजें भी भेजी गई हैं।