नोएडा में मुनाफे के नाम पर 1.15 करोड़ की ठगी!: आरोपी लड़की ने पहले...उसके बाद पीड़ित ने लोन लेकर? जानें पूरी खबर
नोएडा में मुनाफे के नाम पर 1.15 करोड़ की ठगी!

नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में निवेश के नाम पर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों के द्वारा इंडस्ट्रियल कंसल्टेंसी फर्म संचालक के साथ 1 करोड़ 15 लाख रुपए की ठगी करने का एक मामला सामने आया है। दरअसल मुनाफे के चक्कर में पीड़ित के द्वारा बैंक से लोन लेकर ठगों के बताए गए खाते में पूरी रकम ट्रांसफर कर दी गई।

वहीं ठगी की जानकारी होने के पश्चात पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने की पुलिस में की है। पुलिस के द्वारा रिशीता नाम की कथित युवती के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं जिन खातों में ठगी की यह रकम ट्रांसफर हुई है, पुलिस उन खातों की भी जांच कर रही है।

आइए जानते हैं कि आखिर कैसे हुई पूरी घटना:

दरअसल पुलिस को दी गई शिकायत में नोएडा सेक्टर-18 के निवासी मयंक गुप्ता के द्वारा बताया गया कि वह इंडस्ट्रियल कंसलटेंसी फर्म के संचालक हैं। साथ ही उनका कुछ अन्य कारोबार भी है। वहीं इसी वर्ष 27 जनवरी को शिकायतकर्ता के मोबाइल पर रिशीता नाम की एक लड़की ने कॉल किया था।

लड़की ने खुद को फाइनेंस के क्षेत्र में एक बड़ा विशेषज्ञ बताया, साथ ही मयंक को कम रुपये निवेश करने के बाद उस पर दो गुना मुनाफा कमाने के बारे में भी जानकारी दी। कथित युवती के द्वारा मयंक को कैटलिस्ट ग्रुप स्टार तथा पी कैटरमार्केटस् के साथ में जुड़कर निवेश करने की सलाह दी।

युवक को पहले एक लाख पर मिला कुल 15 हजार का मुनाफा:

गौरतलब है कि युवती की बातों में आने के बाद शिकायतकर्ता के द्वारा लड़की के बताए गए फर्जी पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया गया और 31 जनवरी की तारीख को कुल 1 लाख रुपए निवेश कर दिए गए। हालांकि इस पर उसे 15 हजार 40 रुपए का मुनाफा भी हुआ। जिससे उसका भरोसा बढ़ गया। 

इतना ही नहीं शिकायतकर्ता (मयंक) से यह भी कहा गया कि वह जब चाहे अपनी रकम को निकाल सकता है। इसके बाद मयंक को युवती पर यकीन हो गया कि उसको निवेश से संबंधी काफी गहरी जानकारी है। साथ ही जिस पोर्टल पर उसने (मयंक) रजिस्ट्रेशन किया है वह बिल्कुल प्रामाणिक एवं वास्तविक है।

दोबारा 64 लाख पर हुआ लगभग 1.68 करोड़ रुपये का मुनाफा:

पहली बार मुनाफा पाने के बाद मयंक के द्वारा अगले ही दिन उसी तरह से 9 लाख रुपये और निवेश कर दिए गए। वह यहीं नहीं रुके बल्कि इसके अतिरिक्त 7 फरवरी को कुल 20 लाख रुपए, 14 फरवरी को पूरे 10 लाख रुपए, 17 फरवरी को 9 लाख रुपये और 20 फरवरी को 16 लाख रुपए का निवेश मयंक के द्वारा किया गया। 

इस प्रकार देखें तो मयंक के द्वारा एक के बाद एक करके कुल मिलाकर 64 लाख रुपए निवेश किए गए। वहीं इतनी बढ़ी रकम निवेश करने के बाद शिकायतकर्ता को यह बताया गया कि उसे निवेशित राशि पर करीब 1 करोड़ 68 लाख रुपए का मुनाफा हुआ है और वह इसे कभी भी निकाल सकता है। हालांकि इसके लिए भी उसे कुछ राशि जमा करनी पड़ेगी।

रकम निकालने के लिए भी जमा किए 31 लाख रुपए:

इतने बड़े लाभ के पश्चात युवती के द्वारा मयंक को अपने मुनाफे समेत पूरी रकम निकालने की सलाह दी गई। वहीं जब पीड़ित ने रुपए निकालने में अपनी रुचि दिखाई तो बदले में उससे एक बार फिर 31 लाख 57 हजार 600 रुपए सरकारी कर के रूप में जमा करने के लिए कहा गया और पीड़ित के द्वारा 3 मार्च को यह रकम भी जमा कर दी गई।

जिसकी रसीद भी उसे पोर्टल के माध्यम से दे दी गई। फिर पीड़ित ने जब रुपए निकालने के लिए युवती से कहा तो उससे कनवर्सन चार्ज के रूप में दोबारा 18 लाख 56 हजार रुपए की मांग की गई तथा 24 घंटे के अंदर सारे रुपए पीड़ित के खाते में अपने आप ट्रांसफर होने का हवाला दिया गया और पीड़ित ने इस बार भी युवती को पूरी रकम भेज दी गई।

कुल 1 करोड़ 15 लाख 13 हजार 600 रुपए का हुआ फ्रॉड:

इस प्रकार कुल मिलाकर पीड़ित के द्वारा 1 करोड़ 15 लाख 13 हजार 600 रुपए जालसाजों के कहने पर निवेश कर दिए गए। वहीं 24 घंटे बीतने के पश्चात जब रुपए उसके खाते में नहीं आए तो पीड़ित ने फिर से उन ठगों से संपर्क किया। लेकिन इस बार भी ठगों ने सिक्योरिटी मनी के बहाने मयंक से 40 लाख रुपए मांगने लगे।

इस घटना के बाद मयंक को खुद के साथ ठगी होने की आशंका होने लगी। वहीं बार बार पैसे वापस मांगने पर ठगों के द्वारा पीड़ित से संपर्क तोड़ लिया गया। साइबर क्राइम थाना प्रभारी रंजीत कुमार सिंह ने यह बताया है कि जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है उससे संबंधित तमाम अहम जानकारी मिल गई हैं। इसके आधार पर जल्द से जल्द पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी।

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