चर्चा में! अयोध्या में दलित बेटी की दर्दनाक हत्या: क्षेत्रीय सांसद मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोए तो वही सीएम योगी ने... आखिर जिम्मेदार कौन?
चर्चा में! अयोध्या में दलित बेटी की दर्दनाक हत्या

अयोध्या: अयोध्या में एक दलित युवती की दर्दनाक हत्या के बाद मामला गरमा गया है। जहां एक ओर समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद ने मीडिया के सामने फूट-फूटकर रोते हुए इस घटना पर अपना आक्रोश व्यक्त किया वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे "सियासी नौटंकी" करार दिया।

सांसद अवधेश प्रसाद का भावुक बयान

रविवार को सपा सांसद अवधेश प्रसाद, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में नहीं रख सके और जोर-जोर से रोते हुए कहा कि वे इस मुद्दे को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाएंगे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "अगर इस बेटी को न्याय नहीं मिला तो मैं अपने पद से इस्तीफा दे दूंगा। इतिहास हमें माफ नहीं करेगा। आखिर हम अपनी बेटियों की इज्जत भी नहीं बचा पा रहे हैं। हे प्रभु राम! कहां हो आप? सीता मां कहां हैं?"

अवधेश प्रसाद ने पीड़ित परिवार से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह घटना भारत के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में से एक है। उन्होंने मीडियाकर्मियों से भी अपील की कि वे पीड़ित परिवार के दर्द को समझें और उनके घर जाकर सच्चाई को सामने लाएं।

सीएम योगी का कड़ा पलटवार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिल्कीपुर की एक रैली में इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, "इस जघन्य अपराध में समाजवादी पार्टी के लोग ही शामिल हो सकते हैं। सांसद अवधेश प्रसाद केवल ड्रामा कर रहे हैं। सपा के नेता सुधरने वाले नहीं हैं क्योंकि उनकी मानसिकता ही दूषित है।"

योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि सपा के नेताओं को विकास से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा के नेताओं की सोच केवल उनके गढ़ सैफई तक सीमित है और वे उससे बाहर सोचने में असमर्थ हैं। उन्होंने सपा पर जातिवाद और परिवारवाद को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया।

घटना का दिल दहला देने वाला विवरण

यह दर्दनाक घटना अयोध्या के कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की है जहां 22 वर्षीय दलित युवती की नग्न लाश बरामद हुई। उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे दोनों आंखों पर सूजन और घाव थे और उसके हाथ-पांव रस्सियों से बंधे हुए थे। युवती के शरीर पर गहरे घाव थे जैसे किसी नुकीली चीज़ से काटा गया हो।

युवती 30 जनवरी की रात को गांव में एक धार्मिक कथा में जाने की बात कहकर घर से निकली थी लेकिन फिर कभी वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अगले दिन उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। युवती का शव दो दिन बाद गांव के बाहर एक छोटी नहर में मिला जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।

परिवार ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप

युवती की बड़ी बहन ने बताया कि उनकी बहन घर से कथा सुनने गई थी लेकिन रात भर घर नहीं लौटी। जब वे लोग उसे ढूंढने निकले तो स्कूल के पास बने शौचालय में खून के निशान और खून से सना हुआ कपड़ा मिला। वहीं खेतों में भी खून के छींटे मिले। शव मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि पुलिस केवल औपचारिकता निभा रही थी।

परिजनों की मांग है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। युवती की बहन ने कहा, "जो भी दोषी हो उसे फांसी दी जाए। हमने अपनी बहन को खो दिया है अब न्याय ही हमारा सहारा है।"

नेता कर रहे हैं पीड़ित परिवार से मुलाकात

घटना के बाद सपा सांसद अवधेश प्रसाद सबसे पहले पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उनके बाद सपा के पूर्व मंत्री पवन पांडेय भी परिवार से मिले और सरकार पर निशाना साधा।

अवधेश प्रसाद के जाने के तुरंत बाद आजाद समाज पार्टी के प्रत्याशी संतोष कुमार उर्फ सूरज चौधरी भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और अयोध्या के महापौर गिरीशपति त्रिपाठी भी वहां पहुंचे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

पुलिस की जांच और कार्रवाई

बढ़ते विवाद को देखते हुए पुलिस प्रशासन हरकत में आया। एसएसपी राजकरन नैय्यर खुद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और दोषियों को जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही एसपी सिटी मधुवन सिंह और एसडीएम विकास दुबे भी मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने घटना स्थल और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि युवती के साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं।

एसडीएम ने पीड़ित परिवार को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और खाद्यान्न वितरण के निर्देश दिए। वहीं मामले की जांच के लिए सात विशेष टीमें बनाई गई हैं जो इस जघन्य अपराध के हर पहलू की जांच कर रही हैं।

महिला आयोग की प्रतिक्रिया

महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंका मौर्या ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने सपा सांसद अवधेश प्रसाद पर निशाना साधते हुए कहा, "सांसद महोदय इस घटना पर केवल ड्रामा कर रहे हैं। इस अपराध के लिए वे भी उतने ही जिम्मेदार हैं क्योंकि यह घटना उनके ही क्षेत्र में हुई है।"

न्याय की मांग और सामाजिक आक्रोश

इस जघन्य अपराध ने पूरे अयोध्या और देशभर में आक्रोश फैला दिया है। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है। लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

अब देखना यह है कि इस दर्दनाक घटना के दोषियों को कब तक सजा मिलती है और क्या पीड़ित परिवार को सही मायनों में न्याय मिल पाएगा। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब हमारी बेटियां सुरक्षित महसूस करेंगी?

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