स्पोर्ट्स डेस्क: इस वक्त पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी खेली जा रही है जिसमें भारत को छोड़कर बाकी सभी टीमें हिस्सा ले रही हैं। भारत ने पहले ही सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी टीम को वहां भेजने से मना कर दिया था। अब जो डर भारत सरकार और बीसीसीआई को था वही सच होता दिख रहा है।
दरअसल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस विदेशी नागरिकों के अपहरण की योजना बना रहा है। खासतौर पर यह आतंकी संगठन चीन और अरब देशों के लोगों को निशाना बना सकता है। रिपोर्ट के अनुसार आतंकवादी एयरपोर्ट, बंदरगाह और उन इलाकों पर नजर रखे हुए हैं जहां इन देशों के लोग ठहरे हुए हैं।
शहर के बाहरी इलाकों को बना रहे हैं ठिकाना
रिपोर्ट में बताया गया है कि ये आतंकी संगठन शहर के बाहरी इलाकों में ठिकाने बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वे ऐसे घर ढूंढ रहे हैं जहां सीसीटीवी कैमरे न लगे हों और जहां सिर्फ मोटरसाइकिल या रिक्शा से ही पहुंचा जा सके। इनका मकसद रात के अंधेरे में अपहरण को अंजाम देना है ताकि वे सुरक्षा एजेंसियों की नजर से बच सकें।
पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर उठे सवाल
पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान में सुरक्षा को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। 2009 में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम पर हुए आतंकी हमले के बाद लंबे समय तक वहां इंटरनेशनल क्रिकेट बंद रहा था। इसके बाद पाकिस्तान को अन्य टीमों को खेलने के लिए मनाने में काफी वक्त लगा। कुछ साल पहले न्यूजीलैंड की टीम भी संभावित खतरे के कारण सीरीज शुरू होने से पहले ही पाकिस्तान छोड़कर चली गई थी।
चैंपियंस ट्रॉफी पर मंडराया खतरा
अब इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद चैंपियंस ट्रॉफी में खेल रहे विदेशी खिलाड़ियों और उनके फैंस की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पाकिस्तान को लगभग 30 साल बाद किसी बड़े आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी करने का मौका मिला है और अब उसकी सुरक्षा एजेंसियों के सामने यह बड़ी जिम्मेदारी है कि टूर्नामेंट के दौरान कोई ऐसी घटना न हो जिससे देश की छवि को नुकसान पहुंचे।