नई दिल्ली: देश में वायु प्रदूषण को लेकर सेंटर फार रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की एक नई रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें बताया गया है कि सर्दियों में भी देश के करीब 173 शहर वायु प्रदूषण के राष्ट्रीय मानक को पूरा करने में विफल रहे हैं। वहीं इस बार की सर्दियों में वायु प्रदूषण पहले से अधिक बना रहा।
एक भी शहर WHO के मानक को नहीं करता पूरा:
आपको बता दें कि कुल 238 शहरों में से लगभग 173 शहरों में औसत पीएम 2.5 का स्तर भी भारत के राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों अर्थात 40 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से अधिक पाया गया। इतना ही नहीं बल्कि देश का कोई भी शहर WHO यानि विश्व स्वास्थ्य संगठन के 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के दिशा निर्देशों को पूरा नहीं करता है।
राजधानी दिल्ली रहा भारत का सबसे प्रदूषित शहर:
दरअसल यह रिपोर्ट 1 अक्टूबर 2024 से लेकर 28 फरवरी 2025 तक की अवधि के लिए तैयार की गई है। यह रिपोर्ट बताती है कि साल 2024-25 की सर्दियों में भारत का सबसे प्रदूषित शहर दिल्ली रहा। यहां पूरे मौसम के दौरान पीएम 2.5 का औसत स्तर 159 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर था।
वहीं पिछली सर्दियों (2023- 24) के समय भी राजधानी दिल्ली कुल 171 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के उच्च औसत के साथ में इस सूची में सबसे ऊपर ही थी। जबकि इस बार 2024-25 की सर्दियों में बर्नीहाट कुल 157 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज करते हुए दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर रहा।
यह रहे देश के सबसे प्रदूषित 10 शहर:
शीर्ष 10 सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में हाजीपुर, गुड़गांव, गाजियाबाद, पटना, नोएडा, आसनसोल, दुर्गापुर तथा चरखी दादरी शामिल हैं। वहीं यह शीर्ष दस प्रदूषित शहर दिल्ली के साथ में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत पश्चिम बंगाल तथा असम राज्यों में स्थित हैं।
वहीं व्यापक राज्य स्तर पर बात करें तो राजस्थान में 34 शहर, बिहार में 24 शहर और बंगाल में 7 शहरों की निगरानी की गई, जिनमें राष्ट्रीय से अधिक प्रदूषण पाया गया था। इसी तरह, महाराष्ट्र के 31 में से 30 शहर, ओडिशा में 16 में से 15 शहर और उत्तर प्रदेश में 20 में से 15 शहर में सर्दियों के दौरान पीएम 2.5 का स्तर राष्ट्रीय मानक से काफी अधिक था।
बर्नीहाट की हुई सबसे ज्यादा पुनरावृत्ति:
बता दें कि 151 दिनों की सर्दियों की अवधि के दौरान शीर्ष 10 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल किए गए 100 शहरों को कम से कम 1 बार सूचीबद्ध किया गया है। इनमें से लगभग 44 शहर कम से कम 10 बार दिखाई दिए। वहीं बर्नीहाट में सबसे ज्यादा (111 दिन) पुनरावृत्ति देखी गई, उसके पश्चात दिल्ली (105 दिन) समेत हाजीपुर (80 दिन), गाजियाबाद (52 दिन) तथा बहादुरगढ़ (47 दिन) का स्थान रहा।
फिलहाल सीआरईए (CREA) के विश्लेषक मनोज कुमार के द्वारा यह कहा गया है कि अगर भारतीय शहरों में वार्षिक औसत प्रदूषण के स्तर को हमें कम करना है तो इसके लिए सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण को भी काफी कम करने की आवश्यकता है।